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समुद्र में 10 दिनों से भूखे प्यासे मरने को मजबूर थे, रोहिंग्या मुस्लिम , भारत ने किया मदत , आखिर क्या था वजह

भारतीय तटरक्षक (Indian Cost Guard) को अंडमान सागर (Andaman Sea) में रोहिंग्या शरणार्थियों (Rohingya Refugees) से भरी एक बोट मिली है. इंजन फेल होने की वजह से यह बोट करीब 10 दिनों से समुद्र में भटक रही थी. भूख-प्यास की वजह से आठ शरणार्थियों की मौत भी हो गई थी. बोट में करीब 64 महिलाएं और 26 पुरुषों को बांग्लादेश के कॉक्स बाजार (Bangladesh Cox Bazar) से लेकर चली थी. इन शरणार्थियों में आठ लड़कियां और 5 लड़के भी शामिल थे. भारत के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय तटरक्षक को यह बोट मिली है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने गुरुवार को नियमित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यह जानकारी दी.

उन्होंने कहा कि यह बोट 11 फरवरी को बांग्लादेश के कॉक्स बाजार से 90 रोहिंग्या शरणार्थियों को लेकर चली थी. मगर 15 फरवरी को इसका इंजन खराब हो गया और तभी से यह समुद्र में भटक रही थी. अनुराग श्रीवास्तव ने आगे बताया कि मुश्किल परिस्थितियों की वजह से 8 लोगों की जान चली गई जबकि एक लापता है.

खाना-दवा लेकर तुरंत पहुंचा भारत

अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि जैसे ही उन्हें इस भटकती बोट के बारे में पता चला, तो हमने दो कोस्ट गार्ड जहाज को मदद के लिए रवाना कर दिया. भारत ने इन शरणार्थियों के लिए तुरंत पानी, दवा और खाना पहुंचाया. इनमें से सात लोगों की हालत तो काफी ज्यादा खराब थी.

म्यांमार से भाग कर बांग्लादेश में ली थी शरणार्थी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि इनमें से 47 के पास संयुक्त राष्ट्र द्वारा बनाया गया पहचान पत्र है. इससे पता चलता है कि ये लोग म्यांमार से जान बचाकर भागने के बाद बांग्लादेश में शरण लेने को मजबूर हुए थे. उन्होंने बताया कि हम बांग्लादेश सरकार से बात कर रहे हैं ताकि इन्हें सुरक्षित वापस भेजा जा सके.

संयुक्त राष्ट्र ने की थी अपील

शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र हाई कमिश्नर (UNHCR) ने सोमवार को मदद की अपील की थी. UNHCR ने बयान जारी कर कहा था, ‘शरणार्थियों ने हमें बताया है कि जहाज में खाने और पीने के लिए भी कुछ नहीं है. इसमें मौजूद कई यात्री बीमार हो चुके हैं. यह जहाज इंजन के फेल होने के बाद से ही भटक रहा है. हमें यह नहीं पता है कि इसमें कितने यात्री हैं और यह कहां है.’


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