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पॉर्न के लिए इस तरह फंसाई जाती हैं लड़कियां हुआ बहुत बड़ा खुलासा

पॉर्न फिल्में बनाने के आरोप में मुंबई क्राइम ब्रांच ने मॉडल-अभिनेत्री गहना वशिष्ठ को गिरफ्तार किया है। इसके ठीक एक दिन पहले इसी तरह के आरोप में करीब आधा दर्जन और भी आरोपी मुंबई के मड आइलैंड के एक बंगले से पकड़े गए थे। इन सभी से पूछताछ में जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई , वह यह कि कोरोना काल में पॉर्न फिल्मों की डिमांड बढ़ी है। सैकड़ों ऐप्स बन गए हैं पॉर्न फिल्मों के। गहना वशिष्ठ ने इसी बहाने ख़ुद का प्रोडक्शन हाउस बनाया, जहां होती थी अडल्ट फिल्मों की शूटिंग। इसके लिए 20-25 साल की लड़कियां ही चुनी जातीं। उनके पॉर्न विडियो अलग-अलग ऐप्स, वेबसाइट पर अपलोड होते थे।
गहना वशिष्ठ को गिरफ्तार करने वाले क्राइम ब्रांच अधिकारी केदारी पवार ने बताया कि अकेले एक ऐप में ही उसके 67 हज़ार से ज़्यादा सब्सक्राइबर निकले। पुलिस ऐसे सभी ऐप्स और बैंक अकाउंट की जांच कर रही है। उनमें जमा रक़म फ्रीज की जाएगी।

गहना के अपने प्रोडक्शन हाउस में बनने वाली एक पॉर्न फिल्म की शूटिंग, कलाकारों की फीस और अन्य खर्चों पर करीब तीन लाख रुपये का खर्च आता था। पॉर्न फिल्म करीब 20 मिनट की होती। इसमें काम करने वाली ऐक्ट्रेस को दिए जाते थे करीब 30 हज़ार रुपये। कई बार ऑन डिमांड भी फिल्मों की शूटिंग होती। इस केस की जांच से जुड़े क्राइम ब्रांच अधिकारी लक्ष्मीकांत सालुंखे के अनुसार, 'कोरोना काल में देश में लॉकडाउन था। अधिकांश लोग घर पर ही थे। इनके बीच इन फिल्मों की चाहत और आदत ज़्यादा बढ़ गई, इसलिए इस रैकेट से जुड़े लोगों ने ख़ुद को मालाड के मड आइलैंड में शिफ्ट किया। वहां किराए पर बंगले लिए और इस तरह पॉर्न फिल्मों की शूटिंग होती रही।'


ऐप्स की सब्सक्रिप्शन स्कीम थी 199 से लेकर 1999 रुपये के बीच। लाखों लोग यूजर थे इसके। अभी तक की जांच में पता चला है कि गहना ने 85 से अधिक पॉर्न फिल्में अपनी वेबसाइट्स पर अपलोड कीं। आधा दर्जन फिल्में तैयार थीं, जिन्हें अपलोड किया जाना था। इनमें कुछ नामी मॉडल्स को शूट किया गया था। पूरी शूटिंग मुंबई में होती, लेकिन अत्याधुनिक तकनीक से विदेश के आईपी अड्रेस और सर्वर का इस्तेमाल होता।

इस केस में गिरफ्तार एक और आरोपी रोहा उर्फ यास्मीन खान नामक महिला ने इस तरह की 50 से अधिक पॉर्न फिल्में बनाईं। उसने जिन ऐप्स में इन्हें अपलोड किया, उनमें से एक Hothit Movies नाम से था। क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि गहना वशिष्ठ ने कुछ दिनों पहले एक पायलट के ख़िलाफ़ मुंबई पुलिस में केस भी दर्ज किया था। इस पायलट से उसकी इंस्ट्राग्राम पर दोस्ती हुई। वह साउथ की फिल्मों के एक नामी अभिनेता की गर्ल फ्रेंड भी रही है और उसके साथ लंबे समय तक लिव इन रिलेशनशिप में थी। उसने साउथ और हिंदी की करीब आधा दर्जन फिल्मों में ऐक्टिंग की है। इसके अलावा कुछ विज्ञापनों में मॉडलिंग में भी हाथ आजमाए हैं। वह मिस एशिया बिकनी का ताज भी जीत चुकी है।


मुंबई क्राइम ब्रांच की इनवेस्टिगेशन में कई बड़ी मॉडल्स के भी नाम सामने आ रहे हैं, जिन्होंने इस तरह की फिल्मों की शूटिंग की। क्राइम ब्रांच शायद उन्हें गवाह के तौर पर इस्तेमाल करे। दरअसल कई मॉडल्स ने बताया कि वे इस केस में विक्टिम हैं। उन्हें शॉर्ट फिल्मों की शूटिंग के लिए बुलाया गया था। स्क्रिप्ट कुछ और बताई गई, डायलॉग कुछ और सुनाए गए। मुंबई क्राइम ब्रांच ने कुछ स्क्रिप्ट जब्त भी की हैं। कुछ मॉडल्स ने बताया कि उनसे एक एग्रीमेंट भी कराया गया था, लेकिन कुछ मिनट की शूटिंग के बाद उनसे पॉर्न सीन करवाए गए। न करने पर उन्हें क़ानूनी नोटिस भेजने की धमकी दी गई। एक अधिकारी के अनुसार, जिस तरह इंश्योरेंस की पॉलिसी लेते वक़्त ज़्यादातर लोग पॉलिसी की शर्तें नहीं पढ़ते, उसी तरह फिल्मों में भी बहुत से लोग पूरा एग्रीमेंट नहीं पढ़ते। उन्हें सिर्फ रक़म से मतलब होता है।

पॉर्न फिल्मों में काम करने वाली कई लड़कियां कई बार कास्टिंग डायरेक्टर के ज़रिए भी इस गंदे दलदल में फंसती जाती हैं। जनवरी महीने में क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट यानी CIU ने संदीप इंगले नामक एक कास्टिंग डायरेक्टर को मुंबई के एक पांच सितारा होटल से गिरफ्तार किया था। वह प्रेम नाम से यह सेक्स रैकेट चला रहा था। वह ख़ुद को फिल्म प्रोड्यूसर भी बताता। संदीप इंगले ने इस सेक्स रैकेट को चलाने के लिए कई वेवसाइट्स बनाई थीं, जिन्हें कस्टमर सर्च करते और फिर आरोपियों के संपर्क में आते।

यही नहीं, आरोपी अपने रैकेट को चलाने के लिए इंटरनैशनल नंबर यूज करते थे, ताकि जांच एजेंसियां न पकड़ सकें। उस केस में भी पांच सितारा होटल से जो 8 लड़कियां रेसक्यू कराई गईं, उनमें से अधिकतर ने फिल्मों और वेब सीरीज में कुछ रोल किए थे। कुछ ने कई विज्ञापनों में मॉडलिंग की थी। इन लड़कियों को ग्राहकों से मिली रक़म में से 50 प्रतिशत कमिशन मिलना था। बाकी का 50 प्रतिशत कास्टिंग डायरेक्टर की जेब में जाता।

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