20 साल में 7 बी बार मुख्यमंत्री बने नितेश कुमार,मंत्रिमंडल में शामिल हुए ये 14 नई चेहरा

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20 साल में 7 बी बार मुख्यमंत्री बने नितेश कुमार,मंत्रिमंडल में शामिल हुए ये 14 नई चेहरा

पटना. बिहार की राजनीति में एक नया इतिहास रचते हुए नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने दो दशक में सातवीं बार प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा (JP Nadda) जैसे राजग के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल फागू चौहान ने कुमार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. नीतीश के अलावा 14 अन्‍य लोगों ने मंत्री पद की शपथ ली है, जिसमें भाजपा विधानमंडल दल के नेता तारकिशोर प्रसाद (Tarkishore Prasad) और उपनेता रेणु देवी के अलावा विजय कुमार चौधरी, अशोक चौधरी, मंगल पांडे आदि शामिल हैं.

इस बार भाजपा से सात, जेडीयू से पांच, हम और वीआईपी से एक-एक मंत्री बना है.

नीतीश ने बनाया रिकॉर्ड
नीतीश कुमार राज्य के मुख्यमंत्री पद पर सर्वाधिक लंबे समय तक रहने वाले श्रीकृष्ण सिंह के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने की ओर बढ़ रहे हैं जिन्होंने आजादी से पहले से लेकर 1961 में अपने निधन तक इस पद पर अपनी सेवाएं दी थीं. कुमार ने सबसे पहले 2000 में प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी लेकिन बहुमत नहीं जुटा पाने के कारण उनकी सरकार सप्ताह भर चली और उन्हें केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री के रूप में वापसी करनी पड़ी थी. पांच साल बाद वह जेडीयू-भाजपा गठबंधन की शानदार जीत के साथ सत्ता में लौटे और 2010 में गठबंधन के भारी जीत दर्ज करने के बाद मुख्यमंत्री का सेहरा एक बार फिर से नीतीश कुमार के सिर पर बांधा गया. इसके बाद मई 2014 में लोकसभा चुनाव में जेडीयू की पराजय की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया, लेकिन जीतन राम मांझी के बगावती तेवरों के कारण उन्हें फरवरी 2015 में फिर से कमान संभालनी पड़ी थी.

69 वर्षीय नीतीश कुमार के साथ भाजपा विधानमंडल दल के नेता तारकिशोर प्रसाद ने मंत्री पद की शपथ ली है. कटिहार के कद्दावर विधायक रहे प्रसाद कालवार जाति से ताल्लुक रखते हैं जो कि वैश्य समुदाय का हिस्सा है. जातिगत समीकरणों के हिसाब से यह पिछड़ी जाति है. कटिहार से राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार रामप्रकाश महतो को 10,500 वोटों के अंतर से हराने वाले प्रसाद को सुशील मोदी का करीबी माना जाता है.

भाजपा की उपनेता एवं बेतिया से विधायक रेणु देवी ने भी शपथ ग्रहण की है. वह नोनिया जाति से ताल्लुक रखनी हैं जोकि अति पिछड़ा वर्ग में आती हैं. कांग्रेस के मदन मोहन तिवारी को 18000 वोटों से हराने वाली रेणु देवी बेतिया सीट से चार बार जीत हासिल कर चुकी हैं. 2015 में मदन मोहन से हारने के बाद रेणु देवी ने इस बार सीट वापस हथियाई.

जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके विजय चौधरी इस बार सरायरंजन से जीतकर आए हैं. नीतीश मंत्रिमंडल में उन्हें मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है.

बिजेंद्र प्रसाद यादव ने ली मंत्री पद की शपथ. नीतीश कुमार के करीब माने जाते हैं. सुपौल से जीते. इससे पहले नीतीश मत्रिमंडल में ऊर्जा विभाग संभाल चुके हैं.

अशोक चौधरी ने ली मंत्री पद की शपथ. जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष हैं. पहले कांग्रेस में रह चुके हैं.

तारापुर सीट से दूसरी बार लगातार जीतकर आए मेवालाल चौधरी ने ली मंत्री पद की शपथ. वह दिग्‍गज नेता माने जाते हैं.

फुलपरास से पहली बार जीतकर आई जेडीयू की विधायक शीला कुमारी ने ली मंत्री पद की शपथ. शीला कुमारी को जेडीयू का महिला चेहरा माना जाता है.

बिहार के पूर्व सीएम और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के मुखिया जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन मांझी ने मंत्री पद की शपथ ली है.

विकासशील इनसान पार्टी (वीआईपी) के मुकेश सहनी ने ली मंत्री पद की शपथ. बहुत ही नाटकीय ढंग से महागठबंधन छोड़ कर एनडीए में शामिल हुए थे. बीजेपी ने अपने कोटे से इस पार्टी को दी थीं सीटें.

आरा से चौथी बार विधायक चुने गए अमरेंद्र प्रताप सिंह मंत्री पद की शपथ की ली शपथ. बक्सर जिले के रहने वाले हैं. सामाजिक कार्यकर्ता और किसान के रूप में इनकी पहचान है.

मंगल पांडे ने ली मंत्री पद की शपथ. वह पिछली नीतीश सरकार में भी मंत्री पद का दायित्‍व संभाल रहे थे. मंगल पांडे बिहार भाजपा के अध्‍यक्ष भी रह चुके हैं.

दरभंगा के जाले से विधायक जीवेश कुमार मिश्रा ने मंत्री पद की शपथ ली है. जीवेश ने मैथिली भाषा में शपथ ली है. वह जाले से लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं. वह भाजपा के विधायक हैं.

राजनगर से विधायक रामप्रीत पासवान ने मंत्री पद की शपथ ली है. इनकी पहचान दलित चेहरे के तौर पर है. उन्‍होंने मैथिली भाषा में शपथ ली है.

रामसूरत राय यादव ने मंत्री पद की शपथ ली है. वह मुजफ्फरपुर के औराई से विधायक हैं.

गौरतलब है कि हाल में संपन्न बिहार विधानसभा के चुनाव में एनडीए गठबंधन को 125 सीटें हासिल हुई हैं. जबकि विपक्षी महागठबंधन को 110 सीटें मिली हैं. राजग में भाजपा को 74 सीटें, जेडीयू को 43, हम और वीआईपी को चार-चार सीटें मिली हैं. जबकि महागठबंधन बहुमत से पीछे रह गया है. हालांकि आरजेडी इस चुनाव में 75 सीटें हासिल कर सबसे बड़ी पार्टी बनी है. आपको बता दें कि वर्ष 2015 के विधानसभा चुनावों में जेडीयू को 71 सीटें मिली थीं.

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