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durga puja : दुर्गा पूजा में नही लगेगा पंडाल, बिहार सरकार ने जारी किया गाइडलाइन्स ,

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव और कोरोना के संक्रमण को देखते हुए इस बार दुर्गा पूजा को लेकर बिहार सरकार ने गाइडलाइंस जारी किए हैं.

इसके तहत गृह विभाग ने सभी प्रमंडलीय आयुक्त रेंज डीआईजी सभी जिलों के एसपी एसएसपी और एसपी को जारी निर्देश के तहत कहा है कि दुर्गा पूजा का आयोजन मंदिरों में या निजी रूप से घरों में ही किया जाएगा. कोरोना संक्रमण के कारण इस बार सूबे में कोई मेला नहीं लगेगा. इसके अलावा लाउड स्पीकर के इस्तमाल पर भी रोक लगा दिया गया है.

गाइडलाइंस में कहा गया है कि पंडाल का निर्माण किसी विशेष थीम पर नहीं किया जा सकता. सामूहिक प्रसाद वितरण पर भी रोक रहेगी. मंदिरों में पूजा पंडाल या मंडप का निर्माण किसी विशेष दिन पर नहीं किया जाएगा हालांकि गरबा, डांडिया, रामलीला के अलावा किसी तरह के कार्यक्रम का कोई आयोजन नहीं होगा.

इसके अलावा लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई है.

बिहार सरकार के निर्देश में कहा गया है कि इस बार दुर्गा पूजा पर रावण दहन का कार्यक्रम सार्वजनिक स्थान पर आयोजित नहीं होगा और यह भी कहा गया है कि ऐसा करने पर भीड़ जमा होने की आशंका है. साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क का प्रयोग और सामाजिक दूरी न्यूनतम 6 फीट का अनुपालन करना आवश्यक होगा.

बिहार सरकार ने से इस दिशा निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी है. उक्त दिशा निर्देशों का उलंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51-60 के प्रावधानों के अतिरिक्त भादवि की धारा 188 एवं अन्य सुसंगीत धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

वहीं, दूसरी ओर दुर्गापूजा के दौरान पंडाल निर्माण पर रोक लगने से राजधानी के टेंट कारोबारियों को मायूस होना पड़ा है. पूजा पंडाल नहीं बनने से पंडाल व्यवसायियों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना होगा. शहर के पूजा पंडालों के निर्माण से टेंट पंडाल व्यवसाय को काफी आमदनी होती रही है.

पूजा पंडाल की तैयारियां पंडाल निर्माता छह महीने पहले ही शुरू कर देते थे. इस बार भी पूजा पंडाल व्यवसायी फरवरी और मार्च में ही खरीदारी में अपनी पूंजी फंसा चुके थे. इस वर्ष पंडाल नहीं बनने से लगभग दस हजार टेंट, पंडाल व्यवसायियों को नुकसान उठाना पडे़गा.

पटना में बनने वाले थीम बेस्ड पंडाल का निर्माण लगभग दो महीने पहले से शुरू हो जाता था. इसमें बड़ी संख्या में पंडाल निर्माता मजदूर और कारीगरों को रोजगार मिलता था. लेकिन पंडाल पर रोक लगने से बडी संख्या में लोगों को पूजा उत्सव के मौके पर रोजगार नहीं मिल सकेगा.

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