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चीन के बाद कोरोना वायरस (Corona virus) का नया गढ़ बन चुके इटली में हालात बेकाबू हो गए हैं

चीन के बाद कोरोना वायरस (Corona virus) का नया गढ़ बन चुके इटली में हालात बेकाबू हो गए हैं. यहां बर्गमो प्रांत में तो हालात इतने भयावह हैं कि कोरोना वायरस से मरने वाले लोगों का अंतिम संस्कार करने में भी संघर्षों का सामना करना पड़ रहा है. यहां केवल दो सप्ताह में ही एक पूरी पीढ़ी अपनी जान से हाथ धो बैठी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि हालात रुला देने वाले हैं.
द गार्जियन (The Guardian) की रिपोर्ट के अनुसार, बर्गमो प्रांत में लाशों को दफनाने में ही काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. यहां के चर्चो में ऐसे ताबूतों की लाइनें लगी हैं, जिनमें संक्रमण से मरने वालों की लाशों को दफनाया जाना है.
     इसलिए हम आप सभी भारतीय से निवेदन करते है कि किर्पया सावधानी बरते।।
     ओर अपने परिवार को सुरक्षते रखे ।
और किसी के आस पास नही जाएं।। और 100 या 200   लोगो के बेच में ना जाय।।


   ओर एक बात 22 मार्च को आपने घर से ना निकले।।
    ओर अपने देश के प्रधानमंत्री का सपोर्ट करे।
   मोदी जी सबसे अच्छे प्रधानमंत्री है ।।
और कोरोना से लड़ने में सबसे आगे भारत है ।।
    और आप सभी लोग एकता बना के रखे 
   सब कोई अपना है इसलिए अगर कोई परेसानी में हो तो उसका मदत करे ।।

     अगर कोरोना से कोई व्यक्ति अग्रसित हो तो हॉस्पिटल में कॉल।  करें।।।
   ओर नजदीकी पुलिस सटेशन में जय।।।
    पहले चरण में कोरोना वायरस से प्रभावित देशों से आने वाले आगंतुकों और उनके संपर्क में आने वाले लोगों के जरिये फैला यह वायरस दूसरे चरण में अब धीरे-धीरे स्‍थानीय प्रसार के रास्‍ते ढूंढ रहा है। ऐसे में पब्लिक प्‍लेस में इसके फैलने के खतरे सबसे ज्‍यादा हैं। हालांकि अब तक सीमित दायरे में रहा कोरोना वायरस दूसरे चरण के बाद भयावह रूप अख्तियार कर सकता है। इस फेज में जाने-अनजाने लगातार लोगों का संपर्क बना रहता है, ऐसे में एक भी संक्रमित हजारों लोगों को यह बीमारी ट्रांसमिट कर सकता है।

डॉक्‍टरों के मुताबिक तीसरा चरण और भी खतरनाक हो सकता है। क्‍योंकि इस फेज में कई ऐसे मरीज सामने आ सकते हैं, जिनके बारे में पूरी जानकारी जुटाना खासा मुश्किल है। ऐसे में आइसोलेशन से लेकर क्‍वारंटाइन तक भी मुश्किलें आएंगी। कोरोना वायरस के समाज के निचले स्‍तर तक फैलाव की आशंका बढ़ जाएगी। चौथे चरण में सामुदायिक स्‍तर पर बीमारी का फैलाव होने से कोरोना वायरस बड़ी आबादी को अपनी चपेट में ले लेगा। तब यह सही मायने में महामारी विभीषिका बन जाएगी। इस लिहाज से कोरोना पर दूसरे चरण में ही नियंत्रण पाना बेहद जरूरी और अहम है।
डॉक्‍टर का कहना है कि आइसोलेनशन और क्‍वारंटाइन शब्‍द अधिकतर लोगाें के लिए नया है। ऐसे में लोग कोरोना वायरस के नाम से ही घबरा रहे हैं। यहां जानने की जरूरत है कि आइसोलेशन में उन संदिग्‍ध और संक्रमित मरीजों को रखा जाता है, जो इस खतरनाक वायरस की चपेट में आ जाते हैं। तब उन्‍हें अकेले रखकर उनका इलाज प्रक्रियाबद्ध तरीके से किया जाता है।
     क्‍वारंटाइन के बारे में बताएं तो इससे कई लोगों को परेशानी होने की बात कही जाती है। हालांकि सच्‍चाई ऐसा बिल्‍कुल नहीं है। क्‍वारंटाइन में निश्चित समय के लिए संक्रमित मरीज को अलग वार्ड या कमरे में रखा जाता है। ताकि यह बीमारी दूसरे लोगों तक न फैले। इस प्रक्रिया में परिवार वालों को भी संक्रमित मरीज से दूर रखा जाता है।

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